• Download Dailyhunt App

Sign UP / Sign In



 

Category

Home > Hindi > Devshayan : Kamna Purak Char Maha

Devshayan : Kamna Purak Char Maha ( देवशयन : कामना पूरक चार माह )

Author: पं. वी. के. तिवारी

Hindi

19 ( 47% off)
10

  • My Rating


  • Review Title


  • Review Comment



To read this book you need to Download the Dailyhunt App on your phone. Available in Android, Windows & Iphone

यआषाढ़ शुक्ल एकादशी से कार्तिक शुक्ल एकादशीण् 9 जुलाई से 3 नवंबर तकद्धभारतीय ऋषियो ने ग्रह गतियोंए स्थितियों तथा परिवर्तन के अनुसार जन सामान्य के कल्याण हित बाधाए व्यवधान आपति विपति तथा गृहस्थ सुख के लिये अनेक सरल मार्ग या विधियां सुझायी है।ग्रहो के आधार पर आषाढ शुक्ल एकादशी से कार्तिक शुक्ल एकादशी की लगभग 120 दिन की अवधि मंगल कार्यो हेतु असफलताप्रद होती है। अतः इस अवधि में मंगल विवाहए उपनयनए मुंडन नूतन गृहप्रदेश कार्य करनाए निषेध वर्जित है। जो कार्य कामना संबंधित तथा जीवन में एक बार किये जाए वर्जित है।वर्ष 2014 में आषाढ़ शुक्ल एकादशी से कार्तिक शुक्ल एकादशी 9 जुलाई से 3 नवंबर तक की अवधि में काम नहीं करेघ् स्वास्थ्य की दृष्टि से क्या नहीं खाऐघ् विष्णु पूजा स्मरण संक्षिप्त पूजा विधि या मंत्र स्मरण कौन सा करेघ् चमेली पुष्प माला हेमाद्रि भविदय पुराण अपराजिता पारिजातए पुष्प अर्पण विष्णु भगवान को प्रसन्न करते है।इस अवधि में पूजा पाठ करने से आगामी एक वर्ष तक विघ्न बाधा परेशानी पर नियंत्रण रहता है। सुख सौभाग्य बढते है। यह प्रक्रिया ध् विधि ग्रहों के प्रभाव पर आधारित है। कल्पितु नहीं किसी सम्प्रदाय की नही है। अनुसंधान अनुभूत स्थापित है।अशुभ ग्रहों के प्रभाव में कमी या समाप्ति तथा प्रारब्ध के कर्मो से संचित पापों संभावित बुरे प्रभावों से मुक्ति को नष्ट करने का श्रेष्ठ सरल उपाय है।मंत्र एवं हवन ध्वनि एवं वायुमंडल से संबंधित है अतः अक्षर विशेष के संयोगो से प्रादर्मूत प्रभाव अदृश्य अगोचर होता है परंतु सुरक्षा कवच बनकर अशुभ प्रभाव या दुःशक्तियो के आक्रमण या प्रभाव को रोकता है।सुहृदए सुविज्ञ तथा कुशल पाठक केवल ओम नमो भगवते वासुदेवाय खण् ओम विष्णवे नमः या ओम नमः शिवाय मंत्रो को जब भी समय मिले विशेष अनुकूल समय सूर्योदय से 48 मिनट पूर्व से एक घंटे तकए सूर्योदय से 8ए 15ए 22वे घंटे में कार्यालय वाहनए सोफे पर चमडे के जूते उतार कर बैठे भी उक्त मंत्रो का स्मरण कर लाभ उठा सकते है।मंत्र की उंगलियो पर भी गणना कर सकते है। विशेष व शीघ्र लाभ ध् पुण्य या शक्ति संचय के लिये अनामिका मध्य पर्व एकः अनामिका हथेली के पास का पर्व दो कनिष्ठा उंगली नीचे से उपर तक तीनए चारए पांच अनामिका का उंपरी पर्व छहः माध्यम का उंपरी पर्व सात तर्जनी का उपर से नीचे आठए नौए दस संख्या होगी। इस प्रकार मंत्र उगली पर्व पौरो पर अंगूठे के स्पर्श से मंत्र स्मरण कर सकते है।आप किसी भी कार्य को करते समय मंत्र स्मरण करे चाहे किचनए कार्यालयए स्टेडी टेबिलए वाहन में बैठकर भी भविष्य के संभावित कष्ट को कर सकते है।

  • Release Date:
  • Book Size: 316 KB
  • Language: Hindi
  • Category: Dharmik, Adhyatma Vishayak

  • 2017-05-24 21:08:30.0

    Mayank Dande


  • 2017-04-19 07:41:51.0

    Mazhar Ansari


  • 2016-02-15 19:53:16.0

    Deepak


  • 2015-06-23 11:10:37.0

    sonu


    usefuln informativ for all

  • 2015-03-22 22:00:44.0

    Sidhaant


    vgood book

  • 2014-11-19 00:35:15.0

    sarkar singh


  • 2014-09-10 23:00:54.0

    suhas






Top

If you want to read ebooks please download our app in your favorite mobile