• Download Dailyhunt App

Sign UP / Sign In



 

Category

Home > Hindi > Premchand Ki Kahaniya - 10

Premchand Ki Kahaniya - 10 ( प्रेमचन्द की कहानियाँ - 10 )

Author: मुंशी प्रेमचंद

Hindi

179

  • My Rating


  • Review Title


  • Review Comment



To read this book you need to Download the Dailyhunt App on your phone. Available in Android, Windows & Iphone

मुंशी प्रेमचन्द एक व्यक्ति तो थे ही, एक समाज भी थे, एक देश भी थे। व्यक्ति समाज और देश तीनों उनके हृदय में थे। उन्होंने बड़ी गहराई के साथ तीनों की समस्याओं का अध्ययन किया था। प्रेमचन्द हर व्यक्ति की, पूरे समाज की और देश की समस्याओं को सुलझाना चाहते थे, पर हिंसा से नहीं, विद्रोह से नहीं, अशक्ति से नहीं और अनेकता से भी नहीं। वे समस्या को सुलझाना चाहते थे प्रेम से, अहिंसा से, शान्ति से, सौहार्द से, एकता से और बन्धुता से। प्रेमचन्द आदर्श का झण्डा हाथ में लेकर प्रेम एकता, बन्धुता, सौहार्द और अहिंसा के प्रचार में जीवन पर्यन्त लगे रहे। उनकी रचनाओं में उनकी ये ही विशेषतायें तो है। प्रेमचन्द जनता के कथाकार थे उनकी कृतियों में समाज के सुख-दुःख, आशा-आकाँक्षा, उत्थान-पतन इत्यादि के सजीव चित्र हमारे हृदयों को झकझोरते हैं। वे भारत के प्रमुख कथाकार थे, जिनको पढ़े बिना भारत को समझना संभव नहीं। भारतीय साहित्य संग्रह ने उनकी 322 कहानियों को इस ‘प्रेमचन्द की कहानियां’ श्रृंखला के 46 भागों में सुधी पाठकों पाठकों को उपलब्ध कराने का प्रयास किया है।

  • Release Date:
  • Book Size: 332 KB
  • Language: Hindi
  • Category: Laghu Kathayen
  • Similar Books: Munshi Premchand in Hindi

  • 2017-01-21 10:06:06.0

    Prashant P


    Job

    ✅JOB✅JOB✅ आइऐ Digital India से जुड़िए बिना पैसे लगाऐ पैसे कमाऐ ₹10000से ₹15000 हजार जानने के लिए JOB लिखकर 9⃣4⃣1⃣0⃣1⃣6⃣6⃣7⃣0⃣5⃣ पर Whatsapp करे





Top

If you want to read ebooks please download our app in your favorite mobile